एलोवेरा एक आयुर्वेदिक औषधि है। इसके कई और नाम भी हैं। पूरी दुनिया में एलोवेरा की लगभग 400 प्रजातियां पाई जाती हैं। यह एक अचूक औषधि से भी बढ़कर काम करती है। इसे घी क्वार, गन्दल, ग्वारपाठा, घृत कुमारी, मुसव्वर, केतकी व अन्य कई नामों से जाना जाता है। संसार में जितने धर्मग्रन्थ हैं लगभग सभी में इसका सम्मानपूर्वक उल्लेख है। महाभारत में, विष्णु पुराण में, तथा वेदों में इसका धृत कुमारी के नाम से पूरा उल्लेख है।इतिहास जानता है कि सिकन्दर ने एक लड़ाई केवल इसी के लिए लड़ी थी। महात्मा गांधी जी अपने लम्बे उपवासों में इसका उपयोग करते थे।

सन 1835 से वैज्ञानिक इस पर निरन्तर अनुसंधान कर रहे हैं। अमेरिका के एक विख्यात अनुसंधान केन्द्र डॉ. लाईनस पोलिंग इंस्टीट्यूट ने इस पौधे पर 26 साल रिसर्च किया। उन्होंने इस पर रिसर्च इस लिए किया, क्योंकि इस पौधे में एक गुण यह भी है कि इसमें हर जगह अलग-अलग रोगों से लड़ने की क्षमता है।

वैज्ञानिकों ने पूरी दुनिया में 400 प्रकार के पौधे ढूंढे। उनमें से 385 पौधे ऐसे थे जिसमें 0-15 दवाओं के गुण थे। 11 पौधे ऐसे थे जिसमें ज़हर था। 4% पौधे ऐसे थे जिनमें 90% से 100% दवाओं के गुण थे। इसमें एक ऐसा पौधा था जिसमें 100% गुण थे। उसका वैज्ञानिक नाम बारबडेनसिस मिलर है। उस पौधे को यदि हम 3 साल तक बिना रासायनिक खाद व कीट नाशक तथा बिना प्रदूषित वातावरण में उगाएं, तो इसमें दो गुण अपने आप आ जाते हैं। औषधि या दवाई के रूप में इसका गुदा प्रयोग किया जाता है। इसका जूस पीने के इतने फायदे हैं कि आप जानकर हैरान हो जाएंगे।

एलोवेरा का गुदा कई पोष्टिक तत्वों से भरा होता है। इनमें 12 विटामिन, 18 अमीनो एसिड, 20 खनिज, 75 पोषक तत्व और 200 सक्रिय एंजाइम शामिल हैं। इसके अलावा कई रासायनिक गुण खनिज, कैल्शियम, जस्ता, तांबा, पोटेशियम, लोहा, सोडियम, मैग्नीशियम, क्रोमियम और मैंगनीज प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और इसमें विटामिन के गुण भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन बी 12, बी 6, बी 2, बी 1, विटामिन ए, बी 1, बी 2, बी 6, नियासिन और फॉलिक एसिड भी शामिल होते हैं।

इससे आप समझ ही सकते हैं कि इसका लगातार उपयोग करने से कितने फायदे मिल सकते हैं और आज के इस प्रदूषित वातावरण में शुद्ध खाना और पीना मिलने की कोई गुंजाईश ही नहीं है। अगर आप इसे लगातार 10 दिन यूज कर लेते हैं तो इसके गजब के फायदे आपको मिलने लगेंगे। इसके लिए आपको रोज एलोवेरा का 30-30 मिली लीटर इस्तेमाल सुबह- शाम करना होगा। लेकिन 10 के दिन के बाद इसका यूज बंद नहीं करना है। लगभग दो से तीन महीने लगातार इस्तेमाल करने पर आप इसके दीवाने हो जायेंगे। आपके शरीर से कई विमारियां बाहर हो जाएँगी। आप इसका विश्वास तब तक नहीं करेंगे, जब तक आप इसे स्वयं उपयोग नहीं कर लेंगे।
◆इसमें पाया जाने वाला एडॉप्टोजेन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे हमारा शरीर कई रोगों से पीड़ित होने से बच जाता है।

एलोवेरा के और भी कई फायदे हैं जो कि आपको अगले आर्टिकल में जानकारी देने का प्रयास करेंगे।