जब श्री रामचंद्र जी ने रावण की नाभि में बाण मार दिया तो उसके मरने के समय रावण से नीति और राजनीति का ज्ञान लेने का आदेश श्री रामचंद्र जी ने लक्ष्मण को दिया रावण ने लक्ष्मण जी को यह पांच बातें बताई जो आज की उतनी ही प्रासंगिक और महत्वपूर्ण है।

1. आप जो भी सोचो उसे तुरंत कर देना चाहिए उसे कल पर नहीं छोड़ना चाहिए। तय किए हुए काम को कल पर छोड़ने से वह काम कितना भी अच्छा क्यों ना हो फलदायी नहीं हो पाता।

2. शत्रु को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए। रावण ने ब्रम्हाजी से वरदान के समय वानर और मनुष्य से मृत्यु ना होने का वरदान यह सोचकर नहीं लिया कि मेरे जैसे महान योद्धा को कोई भी मनुष्य या वानर कभी नहीं मार सकता इसलिए श्री राम ने मानव रूप में वानरों की सहायता से रावण का वध किया।

3. अपना भेद(राज) कभी किसी को नहीं बताना चाहिए ,चाहे वह आपका सबसे करीबी ही क्यों ना हो क्योंकि समय और परिस्थिति के हिसाब से मित्र और शत्रु बदलते रहते हैं।

4. कभी भी नीति को कठोर नहीं रखना चाहिए । नीति हमेशा परिस्थितियों के हिसाब से बदल जाती है । समय-समय पर अपनी नीति की समीक्षा करनी चाहिए। युद्ध से हमेशा संहार ही होता है।

5. घमंड का त्याग करना चाहिए अहंकार से ज्ञानी से ज्ञानी व्यक्ति का भी विनाश हो जाता है। अहंकार होने पर व्यक्ति को यह खुद पता नहीं चल पाता पर उसके करीबी भी उस से दूर होने लगते हैं ।