बड़सर से नग्यिार सडक़ मार्ग पर कच्छुआ गति से चला डंगे का निर्माण कार्य ! बड़सर से नग्यिार सडक़ मार्ग ढेड़ माह से बंद

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-विद्यार्थीयों को आठ से दस किलो मीटर पैदल या निजी गाडिय़ों द्वारा स्कूल व कालेज पहुंचना पड़ रहा।

बड़सर उपमंडल में बरसात के उपरांत बदहाल कई सडक़ मार्गो पर आवाजाही अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। यही हालत उपमंडल के बड़सर से नग्यिार सडक़ मार्ग की है। यह सडक़ मार्ग पिछले डेड़ माह से वाहनों के लिए  बंद पड़ा है। ऐसे में लोगों को बस सुविधा न मिलने के कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल व कॉलेज जाने वाले छात्रों को हो रही है। हालत यह है कि विद्यार्थीयों को आठ से दस किलो मीटर पैदल या निजी गाडिय़ों द्वारा स्कूल व कालेज पहुंचना पड़ रहा है। इस सडक़ मार्ग से सिंघवीं, जब्बल खैरियां, पत्थल्यार, चंबेह, नग्यिार व बच्छरेटू आदि गांवों के लोग इस सडक़ मार्ग से होकर गुजरते हैं।

पंचायत प्रधान कैप्टन किशोरी लाल, जैसी राम, हेम राज, शशि भारद्वाज, राजीव कुमार सहित कई लोगों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप जड़ा है। लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं तथा सडक़ के निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं। लोगों का कहना है कि विभाग ने सडक़ पर डंगा लगाने का काम तो शुरू कर दिया है। मगर यह कार्य धीमी गति से चल रहा है। लोगों का कहना है कि बड़सर व मैहरे बाजार जाने के लिए टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है। लोगों ने विभाग से सडक़ पर वाहनों की आवाजाही शीघ्र बहाल करने की गुहार लगाई है।

गौर रहे कि बड़सर-नग्यिार सडक़ मार्ग दो सितंबर से बन्द है। लेकिन हैरत की बात है कि ढेड़ माह का लंबा अरसा बीत जाने के उपरांत भी सडक़ मार्ग बहाल नहीं हो पाया है। इस सडक़ मार्ग के तहत आने वाले लगभग एक दर्जन गांवों को फायदा पहुंचता है। इन गांवों में अधिक आबादी होने के कारण इस सडक़ मार्ग पर वाहनों की काफी आवाजाही रहती है। राहुल शर्मा, मनोज कुमार, अजय शर्मा, मोनिका कुमारी, ज्योति देवी आदि छात्रों का कहना है कि सडक़ डेढ़ माह से बंद है। जिस कारण यहां बसें बन्द हैं और हमे पैदल ही कॉलेज जाना पड़ता है। उधर लोक निर्माण विभाग बड़सर के सहायक अभियंता अनिल शर्मा का कहना है कि सडक़ की मरम्मत करवाई जा रही है। अगले सप्ताह तक ब वाहनों के लिये सडक़ खोल दी जाएगी।

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